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मोबाइल 📱 के हानिकारक रेडियेशन से बचने के लिए 10 तरीके

★ मोबाइल 📱 के हानिकारक रेडियेशन से बचने के लिए 10 तरीके ★

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1. मोबाइल रेडियेशन – मोबाइल का प्रयोगआजकल की जिंदगी का सबसे अहम हिस्‍सा हो गया है। लेकिन क्‍या आपको पता हैमोबाइल तकनीकी रूप से जितना फायदेमंद है यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए उससे कहींज्‍यादा नुकसानदेह है। मोबाइल फोन से निकलने वाली इलेक्ट्रो-मैग्नेटिकतरंगे हमारे स्‍वास्‍थ्‍य पर बुरा असर डालती हैं। इन किरणों के कारणयाददाश्त और सुनने की शक्ति प्रभावित हो सकती है। इससे निकलने वालेरेडियेशन के कारण कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के मामले दिखे हैं। इसके अलावामोबाइल फोन और उसके टावरों से होने वाले रेडियेशन से नपुंसकता और ब्रेनट्यूमर हो सकता है। www.allayurvedic.org

2. रेडियेशन के खतरे – भारत मेंमोबाइल फोन से निकलने वाले रेडियेशन के खतरे को कम करने के लिएभारतीयदूरसंचार मंत्रालय ने 2012 में नये नियम बनाये। सेलफोन की वजह सेबढ़ रहेकैंसर के मामलों के कारण सरकार ने यह फैसला लिया। नये कानून के तहतप्रत्‍येक मोबाइल फोन का स्पेसिफिक एब्जार्प्शन यानी एसआर रेट का स्‍तर 1.6 वॉट प्रति किग्रा होगा,इससे पहले ये मानक वॉट प्रति किग्रा था। इसका 1 ग्रा रेडियेशन भी शरीर के लिए नुकसानदेह है। मोबाइल फोन को कान मेंलगाकर यदि कोई व्यक्ति लगातार बीस मिनट तक बात करता है तो उसके दिमाग कातापमान दो डिग्री सेल्शियस तक बढ़ने की आशंका रहती है। इसके कारण ब्रेनट्यूमर हो सकता है।

3. प्रयोग करते समय – सेलफोन जिंदगी का अहम हिस्‍सा हैइसे शरीर सेदूर रखना बहुत मुश्किल है। लेकिन इससे निकलने वाली खतरनाक किरणों से बचनेके लिए इससे दूरी बनाना बुहुत जरूरी है। इसलिए जब भी आप सेलफोन पर किसी सेबात कीजिएइसे अपने शरीर से दूर रखिये। क्‍योंकि सेलफोन पर बात के दौरानइससे निकलने वाली किरणों से शरीर को नुकसान हो सकता है। यदि आप इसे प्रयोगके दौरान शरीर से दूर रखेंगे तो इसके रेडियेशन से कुछ हद तक बचाव संभव होसकेगा।

4. ईयरफोन का प्रयोग– सेलफोन केरेडियेशन से बचने के लिए ईयरफोन का प्रयोग कीजिए। ईयरफोन केप्रयोग केदौरान आपका दिमाग सेलफोन से दूर रहता है और आप लंबी बातचीत भीकरते हैं तबभी आपके दिमाग का तापमान अधिक नहीं होता है। यदि आप हमेशाईयरफोन काप्रयोग नहीं कर सकते हैं तो इसे स्‍पीकर मोड पर डाल कर बातकीजिए। ईयरफोनका प्रयोग गाने सुनने के लिए मत कीजिए बल्कि इसे फोन पर बातके दौरान भीप्रयोग कीजिए।

5. अधिक मैसेज कीजिए– आजकल बहुत सारे मोबाइल अप्‍लीकेशंस हैं जिनकाप्रयोग करके आप चैट कर सकते हैं। बहत लोग इनका प्रयोग करते हैंतो आपक्‍यों नहीं। यदि बहुत जरूरी न हो तो फोन पर बात करने से बचें। फोन पर बातकरने की बजाय आप मैसेज कीजिए। इसके कारण रेडियेशन कम होता है और आपरेडियेशन से बच सकते हैं।

6. मोबाइल का सिग्नल– फोन करने सेपहले मोबाइल का सिग्‍नल देखियेजब सिग्‍नल पूरा हो तब फोन परबात करने कीकोशिश कीजिए। जब फोन का सिग्‍नल कमजोर होता है तब इसका असररेडियेशन परपड़ता है और मोबाइल को इसके लिए मशक्‍कत करनी पड़ती है। कईशोधों में भीयह सामने आया है कि रेडियेशन का खतरा कमजोर सिग्‍नल के कारणअधिक होता है।इसलिए फोन पर बात सिग्‍नल देखकर ही कीजिए। www.allayurvedic.org

7. सही जगह रखें– मोबाइल फोन को सहीजगह रखेंअधिक संवेदनशील जगहों के पास फोन बिलकुल न रखें। मोबाइल को अपनेपैंट के आगे के पॉकेट में रखने से बचेंइससे नपुंसकता का खतरा होता है।इसके अलावा इसे दिल के पास न रखें और रात को सोते वक्‍त तकिये के नीचे नरखें। तकिये के नीचे रखने से इसके रे‍डियेशन के कारण याददाश्‍त कमजोर होसकती है। इसलिए इसके लिए सही जगह का चुनाव कीजिएजहां इसके खतरनाकरेडियेशन से बचाव हो सके।

8. लगातार बात न करें– मोबाइल फोन परलगातार घंटों बातचीत करने से बचें। कान में लगाकर यदि कोईव्यक्ति लगातारबीस मिनट तक बात करता है तो उसके दिमाग का तापमान दो डिग्रीसेल्शियस तकबढ़ने की आशंका रहती है। इसके कारण ब्रेन ट्यूमर हो सकता है।कुछ लोग तोकई घंटे तक फोन से चिपके रहते हैं। इसके कारण वे बीमार भी होतेहैं। इसलिएआज से फोन पर बात को लंबा खींचने की बजाय कम शब्‍दों में अपनीबात कहनेकी कोशिश कीजिए।

9. टर्न ऑफ कीजिए – यदि आप फोन का प्रयोग नहीं कर रहे हैं तो इसे ऑफकर दीजिए। इसके कारण आप रेडियेशन से बचाव कर सकेंगे। कई शोधों में यह बातसामने आयी है कि फोन को आगे की जेब में रखने के कारण इससे निकलने वालारेडियेशन टै‍स्टिकल्‍स पर असर डालता हैइसके कारण पुरुषों की स्‍पर्मकाउंटिंग कम हो जाती है। इसके रेडियेशन के कारण नपुंसकता का भी खतरा होताहै।

10. अच्छी गुणवत्ता का फोन– यदिआपका फोन बहुत पुराना हो चुका है तो इसे तुरंत बदल दीजिएइसकी जगह परऐसाफोन खरीदिये जिसका स्पेसिफिक एब्जार्प्शन यानी एसआर रेट का लेवेल कमहो।क्‍योंकि अधिक एसआर रेट के कारण इससे रेडियेशन का खतरा अधिक होता है।यदिआपका फोन लो एसआर रेट का होगा तो रेडियेशन का भी खतरा कम होगा। भारतसरकारने वर्तमान में मोबाइल फोन का एसआर रेट 1.6 वॉट प्रति किग्रानिर्धारितकिया है। तो इन गुणों को परखने के बाद ही मोबाइल फोन खरीदिये। www.allayurvedic.org

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