जीवन के लिए संजीवनी है कपालभाती प्राणायाम ये थायराइड, चर्म रोग, डायबिटीज, कैंसर, किडनी, कब्ज, गैस, एसिडिटी आदि 100 रोगों के लिए वरदान है
कपालभाति वास्तव में प्राणायाम का ही एक अंग है। परंतु कुछ योगियों ने इसे क्रिया को षटकर्म का भी अंग माना है। कपालभाति के अभ्यास से धारणा शक्ति का विकास होता है और कुण्डलिनी शक्ति का जागरण होता है। इससे मन प्रसन्न और शांत रहता है...
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