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पानी के साथ इस फल के चूर्ण का सेवन मधुमेह को ठीक करता है तो दूध के साथ शारीरिक शक्ति बढ़ाता है, ये बुढ़ापा दूर कर हमेशा जवाँ रखे


मधुमेह या डायबिटीज हाल के सालों में होने वाला सबसे खतरनाक जीवनशैली रोग माना जाता है। हर साल कई हजार लोग इससे प्रभावित होते हैं। आइयें जानें मधुमेह के बारें में जिसे लोग आम बोलचाल की भाषा मे शुगर (Sugar ki Bimari) भी कहते हैं। किसी भी कार्य को करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। शरीर को भी ऊर्जा की आवश्यकता होती है और रीर इसकी पूर्ति, शरीर में उपलब्ध ग्लूकोज़ से करता है। रक्त से ग्लूकोज़ इन्सुलिन नामक हार्मोन के द्वारा कोशिकाओं में पहुंचकर ऊर्जा प्रदान करता है। शरीर में इन्सुलिन का उत्पादन अग्न्याशय (pancreas) के द्वारा होता है। भोजन शरीर में जाकर ग्लूकोज़ में परिवर्तित हो जाता है और ग्लूकोज़ रक्त में मिल जाता है। मधुमेह रोगी शरीर में उपलब्ध ग्लूकोज़ का पूरा उपयोग नही कर पाता है। मधुमेह, चयापचय विकार (Metabolic Disorder) है। रक्त में ग्लूकोज़ की बढ़ी हुई मात्रा का अगर सही समय पर उपचार नही किया जाये तो यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगो के लिए काफी नुकसानदायक होती है।

लोग जवान बने रहने के लिए कई तरह के कॉस्मेटिक्स का उपयोग करते हैं। लेकिन कॉस्मेटिक्स त्वचा को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। जिसके कारण समय से पहले ही अधिक उम्र दिखाई देने लगती है दरअसल उम्र पर असली असर खान-पान का पड़ता है कास्मेटिक्स का नहीं। इसीलिए हमेशा जवान बने रहने के लिए जवानी को फिर पाने के लिए या हमेशा जवान बने रहने के लिए आयुर्वेद में अनेक जड़ीबूटियों के नाम हैं जिनसे बुढ़ापा दूर रहता है। आज हम आपको All Ayurvedic के माध्यम से मधुमेह और बुढ़ापा दूर करने के लिए एक औषधि बता रहे है जिसका नाम गूलर (Cluster Fig Tree) है। इससे आप इन दोनो समस्याओ  से निजात पा सकते है। आइए जाने इसके बारे में…

  1. मधुमेह : 1 चम्मच गूलर के फलों के चूर्ण को 1 कप पानी के साथ दोनों समय भोजन के बाद नियमित रूप से सेवन करने से पेशाब में शर्करा आना बंद हो जाता है। इसके साथ ही गूलर के कच्चे फलों की सब्जी नियमित रूप से खाते रहना अधिक लाभकारी होता है। मधुमेह रोग ठीक हो जाने के बाद इसका सेवन करना बंद कर दें।
  2. शारीरिक शक्तिवर्द्धक :  पका हुआ गूलर सुखाकर पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में इसी के बराबर की मात्रा में मिश्री मिलाकर किसी बोतल में भर कर रख दें। इस चूर्ण में से 2 चम्मच की मात्रा गर्म दूध के साथ सेवन करने से शारीरिक शक्ति बढ़ जाती है। इसका सेवन करने से दम्पत्ति वैवाहिक सुख को भोगते हुए स्वस्थ संतान को जन्म देते हैं।
  3. शरीर को शक्तिशाली बनाना : लगभग 100 ग्राम की मात्रा में गूलर के कच्चे फलों का चूर्ण बनाकर इसमें 100 ग्राम मिश्री मिलाकर रख दें। अब इस चूर्ण में से लगभग 10 ग्राम की मात्रा में रोजाना दूध के साथ लेने से शरीर को भरपूर ताकत मिलती है। आप हमेशा जवाँ बने रहेंगे और शरीर हष्ट-पुष्ट बन जाएगा। 

मधुमेह में यह भी फ़ायदेमंद 

  1. दिन में एक बार 2 चम्मच करेले के रस का सेवन करें।
  2. दिन में दो बार 1 चम्मच मेथी के पाउडर का सेवन पानी के साथ अवश्य करें।  
  3. दिन में एक बार 2 चम्मच कड़वी लौकी के रस को एक चम्मच आंवला के रस के साथ मिलकर कर सेवन करें।
  4. प्रतिदिन एक घंटा व्यायाम जरूर करें।

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