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बिछिया पहनने के इन 5 वैज्ञानिक करणो को जान गये तो, आज से ही सभी माता-बहने इसको पहनने लगोगे, ये निरोग रखने वाली चीज़ है

भारत में बिछिया अत्यधिक प्रचलित है, हिंदू महिलाओं द्वारा इसे विशेष रूप में पहना जाता है और शादीशुदा हिंदू महिला के लिए बिछिया जबरदस्त सामाजिक महत्व रखती है, ये आम तौर पर चांदी से बने होते हैं। बिछिया सोने से नहीं बन सकते हैं, क्योंकि सोने को कमर के नीचे नहीं पहना जा सकता है। हिंदुओं का मानना ​​है कि सोना धन की देवी लक्ष्मी को पसंद है, इसलिए कमर के नीचे सोना पहनने को लोग अनुचित मानते हैं। आइए जाने बिछिया पहनने के स्वास्थ्य लाभों के बारे में…

बिछिया पहनने के 5 महत्तवपूर्ण वैज्ञानिक कारण :

  1. ऐसा कहा जाता है कि पैर की दूसरी अंगुली का सम्बन्ध गर्भाशय से होता है और यह हृदय से होकर गुजरती है।
  2. चांदी को एक अच्छे कंडक्टर के रूप में जाना जाता है, यह धरती से ध्रुवीय ऊर्जा को अवशोषित करता है और शरीर में भेजता है, इस प्रक्रिया से पूरा शरीर ताज़ा रहता है।
  3. यह भी एक विश्वास है कि पैर में बिछिया पहनने से यह कुछ तंत्रिकाओं पर दबाव डालते हैं।
  4. यह माना जाता है कि दोनों पैरों में बिछिया पहनकर महिलाएं अपने धर्म चक्र को नियमित कर सकती है। यह विवाहित महिलाओं को गर्भधारण के लिए अच्छा अवसर प्रदान करता है।
  5. भारतीय महाकाव्य रामायण में बिछिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। जब रावण ने सीता का अपहरण कर लिया था तो उन्होंने अपनी बिछिया को भगवान राम की पहचान के लिये फेंक दिया था। इससे पता चलता है कि बिछिया का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है।
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