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इस औषधि को शहद के साथ लेने से एक बार हार्ट अटैक आ चुका है उनको दुबारा हार्ट अटैक नहीं आता है, दूध में मिलाकर पीने से बनती है शानदार और फौलादी बॉडी

  • आपने अपने किचन में बहुत सारे मसालों को तो देखा ही होगा । इन सभी मसालों में स्वाद और सुगन्ध के साथ ही औषधीय गुण भी प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं । इनमे से एक अत्यन्त गुणकारी और लाभप्रद चीज है दालचीनी, जो एक वृक्ष की छाल होती है । दालचीनी मन को प्रसन्न करती है। दालचीनी में बहुत से औषधीय तत्व पाए जाते है जो शरीर के लिए अत्यंत लाभकरी है। इसके उपयोग से अनेक प्रकार की सामान्य बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है। दालचीनी के मौजूद गुणकारी तत्वों के बारे में आयुर्वेद में बहुत कुछ लिखा गया है । दालचीनी को शहद के साथ उपयोग करना शरीर के लिए अत्यन्त लाभकारी है । इस से हृदय दौर्बल्य, कोलेस्ट्रॉल, रक्तविकार, सर्दी जुकाम और उदर रोगों से छुटकारा मिलता है। दालचीनी की तासीर गर्म होती है। अत: गर्मी के मौसम में इसका कम से कम मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए। दालचीनी का सेवन लम्बे समय तक व लगातार मात्रा में नहीं करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति अलग-अलग होती है। एक वस्तु 99 व्यक्तियों को लाभ करती है तो एक व्यक्ति को हानि भी कर सकती है। जैसे ही हानि प्रतीत हो हमें दालचीनी का सेवन बंद कर देना चाहिए।

दालचीनी के दूध या शहद या पानी के साथ लेने से होने वाले 16 फ़ायदे 

  1. सर्दी-जुकाम : सर्दी के मौसम में कुछ लोग अक्सर सर्दी-जुकाम से पीड़ित हो जाते है। इसके लिए दूध में एक चम्मच शहद व दालचीनी का चूर्ण मिलाकर पीने बहुत लाभ मिलता है ।
  2. वजन कम करने के लिए : अधिक भारी शरीर वालों को अपना वजन कम करने के लिए 1 चम्मच दाल चीनी चूर्ण कोे एक चम्मच शहद मिलाकर प्रातःकाल और शाम को खाना चाहिए। 3 महीने तक नियमित रूप से ऐसा करने से मोटापा कम होता है।
  3. खराश, कफ और म्यूकस की समस्या : दालचीनी पाउडर व काली मिर्च को गुनगुने दूध में मिलाकर पीने से गले की खराश, कफ और म्यूकस की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है ।
  4. जोड़ों का दर्द : जोड़ों के दर्द की शिकायत में दालचीनी बहुत फायदेमंद है। प्रतिदिन हल्के गर्म दूध में दालचीनी का चूर्ण मिलाकर पीना बहुत लाभदायक है|
  5. कब्ज, गैस और अपच की समस्या : दालचीनी और शहद को एक साथ मिलाकर सेवन करने से सभी प्रकार के उदर रोगों जैसे- कब्ज, गैस और अपच की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। इस से पेट दर्द और हायपर एसिडिटी की शिकायत को भी समाप्त किया जा सकता है|
  6. फौलादी बॉडी : असगंध, शतावर और सफ़ेद मूसली के पाउडर को समान मात्रा में लेकर शहद में मिलाकर चाट लें । फिर हल्के गुनगुने दूध में एक चम्मच शुद्ध शहद को मिलाकर घूंट-घूंट करके पी जाएं । यह प्रयोग सर्दी के इस मौसम में कम से कम तीन माह तक करने से आपकी बॉडी फौलादी बन जायेगी ।
  7. त्वचा कोमल व ताजी बनाएँ और बुढ़ापा भगाएँ : एक चम्मच दालचीनी पाउडर को 3 कप पानी में उबालें। उबलने के बाद हल्का सा गर्म रहने पर इसमें 4 चम्मच शहद मिलाएं। एक दिन में इसे 4 बार पियें। इससे त्वचा कोमल व ताजी रहेगी और बुढ़ापा भी दूर रहेगा।
  8. हार्ट अटैक से बचाएँ : शहद और दालचीनी को बराबर मात्रा में मिलाकर एक चम्मच नाश्ते में ब्रेड या रोटी में लगाकर रोजाना खाएं। इससे धमनियों का कोलेस्ट्राल कम हो जाता है। जिसको एक बार हार्ट अटैक आ चुका है, उनको दुबारा हार्ट अटैक नहीं आता है।
  9. कोलेस्ट्राल घटाएँ : 2 बड़े चम्मच शहद, 3 चम्मच दालचीनी पाउडर और 400 मिलीलीटर चाय का उबला पानी घोलकर पियें। इसे पीने के 2 घंटे के बाद ही खून में 10 प्रतिशत कोलेस्ट्राल कम हो जाएगा। यदि 3 दिन तक लगातार पियें तो कोलेस्ट्राल का कोई भी पुराना रोगी हो वह ठीक हो जाएगा।
  10. मोटापा घटाने के लिए : 1 कप पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर उबालते हैं। इसमें 1 चम्मच शहद डालकर रोजाना सुबह नाश्ते से पहले तथा रात को सोने से पहले पियें इससे वजन कम होगा और मोटापा नहीं बढे़गा।
  11. बहरापन : शहद और दालचीनी पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाकर 1-1 चम्मच सुबह और रात को लेने से सुनने की शक्ति दुबारा आ जाती है अर्थात बहरापन दूर होता है।
  12. डायबिटीज से होने वाले रोग : दालचीनी का रोजाना सेवन करने से थकान, आंखों की रोशनी कम होना, दिल, किडनी खराब होना आदि रोगों से बचाव होता है। सेवन विधि : 1 कप पानी में दालचीनी पाउडर को उबालकर, छानकर रोजाना सुबह पियें। इसे कॉफी, खाद्य-पदार्थों में भी मिलाकर पी सकते हैं। इसे सेवन करने के हर दसवें दिन मधुमेह की जांच करवाकर इसके लाभ को देखें। सावधानी : दालचीनी बताई गई अल्प मात्रा में लें, इसे अधिक मात्रा में लेने से हानि हो सकती है।
  13. स्मरण शक्तिवर्द्धक : सुबह-शाम आधा चम्मच दालचीनी पाउडर की पानी से फंकी लेते रहने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है तथा बुद्धि का विकास होता है।
  14. कैन्सर रोग : दाल चीनी कैन्सर में अधिक दी जाती है। दालचीनी का तेल 3 बूंद रोजाना 3 बार दें। साथ ही दालचीनी चबाते रहने का निर्देश दें। यदि घाव बाहर हो, तेल लगाना सम्भव हो तो दालचीनी का तेल लगाते भी रहें। यह प्रतिदूषक, व्रणशोधक, व्रणरोपक और रोगाणु नाशक भी है।
  15. एड्स : दालचीनी एड्स के लिये बहुत ही लाभदायक होती है क्योंकि इससे खून के सफेद कण की वृद्धि होती है, जबकि एड्स में सफेद कण का कम होना ही अनेक रोगों को आमन्त्रित करता है। साथ ही पेट के कीड़े साफ करने, घाव को भरने एवं ठीक करने के गुणों से युक्त होता है। दालचीनी का चूर्ण लगभग 1 ग्राम का चौथाई भाग की मात्रा में अथवा तेल 1 से 3 बूंद की मात्रा में रोजाना 3 बार सेवन करें।
  16. नींद न आना : लगभग 125 मिलीलीटर पानी में 3 ग्राम दालचीनी को खूब उबालें। फिर इसको छानकर इसमें 3 बताशे डालकर हल्का गर्म करके सुबह के समय पिलाने से नींद अच्छी आती है।
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