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क्या ज्यादा डकार और पाद आना गंभीर बीमारी का संकेत है

  • डकार और पाद ऐसे दो जरिए है जिसके द्वारा शरीर में बनने वाली अनावश्यक गैस शरीर से बाहर निकल जाती है हम जो भी कुछ खाते या पीते है वह हमारे शरीर में बहुत लम्बा सफर तेय करती है इस दौरान उस भोजन से पोषक तत्व अवशोषित होते है इसी समय बड़ी मात्रा में गैस भी बनती है कुछ गैस वह भी होती है जो मुख द्वार से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती है।
  • वैसे तो डकार और गैस के निकलने को अच्छा माना जाता है पर यदि डकार बहुत ज्यादा आये तो इसे गंभीरता से लेना चाहिये। क्योकि बहुत ज्यादा डकार अल्सर, पत्थरी, पेट में गड़बड़ी और पाचन सम्बन्धी समस्या की और इशारा करती है।

सामान्य अवस्था में डकार बनने के कारण

  1. गर्म चाय और कोफ़ी के सेवन के समय हवा मुह में चली जाना।
  2. चूसने वाली चीजे ज्यादा खाना जैसे की टॉफी।
  3. बोतल ऊपर करके पानी पीना।
  4. कोल्ड्रिंक और शराब पीने से।
  5. पत्ता गोभी, मूली, राजमा, फ्रेंच बीन्स, दालें और मटर का ज्यादा सेवन करना।

सामान्य से ज्यादा डकार आने के कारण

  1. भोजन नलिका : इसमें पेट का एसिड भोजन नलिका में प्रवेश कर जाता है इस वजह से डकार अधिक आती है।
  2. अल्सर : पेट में अल्सर होने पर भी डकार ज्यादा आती है यदि डकार के साथ दर्द भी होता है तो इसे गंभीरता से ले।
  3. एसिडिटी : पेट में एसिड का बनना एसिडिटी कहलाता है ऐसे में डकार बहुत ज्यादा बनती है।
  4. आँत में संक्रमण : आँतो में अक्सर बहुत से बेक्टिरिया पैदा होते है परंतु यदि छोटी आँत में संक्रमण हो जाए तो ऐसी स्थिति में गैस ज्यादा बनने लगती है।

पाद या गैस छोड़ना (Farts) :

  • पाद (Farts) जी हां इस नाम को सुनते ही हमारे भाव एकदम बदल जाते है कोई हंसने लगना है तो कोई गुस्सा करने लगता है।बात करें पाद की तो ये एक ऐसी हवा है जो हम ना चाहते हुए भी अपने शरीर से निकाल ही देते है। हम इसे कितना भी रोकने की कोशिश करें लेकिन ये कुछ भी कर हमारे शरीर से बाहर चली ही जाती है। पाद को हम नहीं रोक सकते ठीक उस तरह जिस तरह हम ढकार को नहीं रोक सकते है। वैसे तो लोग पाद शब्द बोलते नहीं है क्योंकि यह शब्द उन्हें असहज लगता है और वे इसे गलत मानते है। लेकिन क्यों ? जब आपको पादने में शर्म नहीं आती है तो बोलने में क्यों पादना एक सकारात्मक क्रिया है जो कभी कभी सार्वजनिक स्थान में हो जाती है तो कभी कभी बंद कमरे में, कभी कभी किसी के भी सामने हो जाती है, तो कभी कभी अकेले में भी हो जाती है।

पाद से बदबू क्यों आती है – 

  • पादने के बाद उसमे से आने वाली बदबू हम सभी में से कोई बर्दास्त नहीं कर पाता, वो भी नहीं जो पाद छोड़ता है। ऐसे में वो बदबू क्यों आती है ये हम सभी शायद नहीं जानते है। तो चलिए आज हम आपको बताते है की आखिर ऐसा क्यों होता है ?? दरसल में हम दिनभर में बहुत कुछ खाते पीते है ऐसे में कई चींज़े ऐसी होती है जिनमे सल्फर पाया जाता है। यही सल्फर हमारे शरीर में जाने के बाद टूट जाता है और उसके बाद इसके अंदर से हाइड्रोजन सल्फाइड निकलती है जिसकी बदबू एक सड़े हुए अंडे के समान होती है जो हमारी पाद के रूप में निकलती है। मतलब साफ़ है कि अगर आपने कोई ऐसी चीज़ खाई है जिसमे सल्फर था तो आपको पाद में से बदबू आना स्वभाविक है।

पादना बुरी बात क्यों है – 

  • अब बात की जाए पाद की तो लोगों ने शुरू से ही यह माना है कि यह एक बुरी आदत है। लेकिन यह गलत है पादना एक अच्छी आदत है इससे यह पता चलता है की आपकी सेहत अच्छी है और आप पूरी मात्रा में फाइबर खा रहें हैं।

पेट की गैस के लिए 10 सबसे आसान घरेलु उपाय :

  1. नीबू : नीबू के रस में 1 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर सुबह के वक्त खाली पेट पीने से गैस की समस्या से निजात मिलती है। इसे गर्म पानी के साथ भी पि‍या जा सकता है।
  2. काली मिर्च : काली मिर्च का सेवन करने पर पेट में हाजमे की समस्या दूर हो जाती है, जिससे गैस नहीं होती। इस समस्या को दूर करने के लिए दूध में काली मिर्च मिलाकर ले सकते हैं।
  3. हींग : एक गिलास गर्म पानी में हींग मिलाकर पीने से गैस में लाभ होता है। यह प्रयोग दिन में ३ बार करने से गैस की गंभीर अवस्था में भी लाभ होता है। इसके अलावा सिर्फ गर्म पानी पीने से भी पाचन की समस्या दूर होगी।
  4. छाछ और धनिया : पेट में जलन होने पर धनिया पत्ती को कच्चा खाने से लाभ होता है। इसके अलावा छाछ में भुने हुए धनिये के पत्ते डालकर पीने से भी गैस की समस्या में लाभ होता है।
  5. छाछ और काला नमक : छाछ में काला नमक और अजवाइन मिलाकर पीने से भी गैस की समस्या में काफी लाभ मिलता है। गैस से तुरंत निजात पाने के लिए यह काफी असरदार उपाय है।
  6. दालचीनी : दालचीनी भी गैस की समस्या से निजात दिलाने में सहायक है। इसके लिए दालचीनी को पानी मे उबालकर, ठंडा कर लें और सुबह खाली पेट पिएं। इसमें शहद मिलाकर पिया जा सकता है।
  7. लहसुन : लहसुन भी गैस की समस्या से निजात दिलाता है। लहसुन को जीरा, खड़ा धनिया के साथ उबालकर इसका काढ़ा पीने से काफी फादा मिलता है। इसे दिन में 2 बार पीना बेहतर होगा।
  8. इलायची और अदरक : दिनभर में दो से तीन बार इलायची का सेवन पाचन क्रिया में सहायक होता है और गैस की समस्या नहीं होने देता। इसके अलावा रोज एक अदरक का टुकड़ा चबाने से भी लाभ होता है।
  9. पुदीना : पुदीने की पत्तियों को उबाल कर पीने से गैस से निजात मिलती है। इसके अलावा बाजार में उपलब्ध पुदीने को पानी में मिलाकर भी पिया जा सकता है।
  10. नारियल पानी : रोजाना नारियल पानी सेवन करना गैस का फायदेमंद उपचार है। इसके अलावा सेब का सिरका भी गर्म पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है। आलू के रस का खाली पेट सेवन भी बेहद फायदेमंद होता है।
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