प्राणायाम का वैज्ञानिक रहस्य जान जाओगे तो इसको प्रतिदिन करोगे क्योंकि इससे असाध्य रोगों उपचार सम्भव है
प्राणायाम : हमारा श्वसन तंत्र नासिका से शुरू होकर वायुकोषों तक फैला हुआ है। नाक से ली गई साँस स्वर यंत्र और ग्रसनी (फैरिंक्स) से होते हुए श्वास नली (ट्रैकिया) में पहुँचती है। गर्दन के नीचे छाती में यह पहले दाएँ-बाएँ दो भागों में...
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