यदि पौरुष क्षमता में कमी है? तो एक्यूप्रेशर द्वारा निःशुल्क इलाज कीजिए
www.allayurvedic.org
पौरुष क्षमता रोग के कारण रोगी के शरीर में संभोग क्रिया करने के प्रति कमी आ जाती है। रोगी किसी स्त्री के साथ संभोग क्रिया करने से घबराने लगता है। इस रोग के कारण रोगी की सेक्स क्रिया करने में रुचि नहीं होती है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति अपनी समस्या किसी को बताने में संकोच करता है। पौरुष क्षमता रोग के होने का कारण अधिकतर गलत संगति, मानसिक पीड़ा, भय, हस्तमैथुन , ज्यादा काम-वासना तथा बचपन में की गई सेक्स के प्रति अनुचित क्रिया होती है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति जब अपनी पत्नी के साथ संभोग करता है तो वह अपनी पत्नी को पूरी संतुष्टि नहीं दे पाता तथा उस व्यक्ति की पत्नी भी उस व्यक्ति से सेक्स के प्रति खुश नहीं रहती। जिसके कारण उस व्यक्ति के घर में क्लेश होता रहता है। पौरुष क्षमता रोग का उपचार करने के लिए सबसे पहले रोगी की पत्नी को अपने पति के प्रति प्यार जताना होता है। यदि रोगी की पत्नी अपने पति की मदद करती है तो रोगी का रोग जल्दी ठीक होने लगता है।
एक्यूप्रेशर चिकित्सा के द्वारा पौरुष क्षमता में कमी का उपचार-
(प्रतिबिम्ब बिन्दु पर दबाव डालकर एक्यूप्रेशर चिकित्सा द्वारा इलाज करने का चित्र)

इस चित्र में दिए गए एक्यूप्रेशर बिन्दु के अनुसार रोगी के शरीर पर दबाव देकर पौरुष क्षमता रोग का उपचार किया जा सकता है। रोगी को अपना इलाज किसी अच्छे एक्यूप्रेशर चिकित्सक की देख-रेख में कराना चाहिए क्योंकि एक्यूप्रेशर चिकित्सक को सही दबाव देने का अनुभव होता है और वह सही तरीके से पौरुष क्षमता रोग का उपचार कर सकता है।