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रसोई में रखे लोटे में छुपा है आपकी किस्मत का राज, जानिए कैसे

जब हम नियम और विश्वास के साथ एक लोटा जल लेकर उस जल के साथ खास तरह की क्रियाएं करते हैं तो इन क्रियाओं से हमारे जीवन में आने वाली परेशानियां दूर हो जाती हैं। हमारे जीवन में आने वाले दु:ख दूर हो जाते हैं। बीमारी ठीक हो जाती हैं। हमारे शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं और हमारे जीवन में जो गृह बाधाएं जो दोष हैं वह सब दूर हो जाते हैं और हमें जीवन में सफलताएं मिलती हैं, दु:ख खत्म हो जाता है और सुख शान्ति बढती है।


हमारी आय के स्त्रोत बड़ जाते हैं और इसके लिए हमें ना तो कुछ खर्च करना पड़ता है और ना ही शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है। बस रोजाना नियम से कुछ क्रियाएं करनी पड़ती है. बिना किसी खर्च और मेहनत के हमारे जीवन में सब कुछ हमारे मुताबिक होने लगता है।www.allayurvedic.org


केवल कुछ क्रियाए करके हमें जीवन में सुख प्राप्त होने लगता है और हमें सब कुछ अच्छा लगने लगता है। इसके लिए हमें सिर्फ ठोड़ी सी क्रियाएं करनी पड़ती हैं. सुबह सूरज निकलने से पहले उठें। रोज की कार्यों से निपट कर नहा लें। साफ कपडे पहन लें। एक लोटा पानी लें, उसमें एक चुटकी रोली डाल लें और थोड़ा सा गुड़ और लाल फूल डाल लें। इस पानी से उगते हुए सूरज को अग्र्य दें। अपने हाथों को सिर तक ले जाएं।


यहां ध्यान देने वाली बात यही है की सूरज उगता हुआ होना चाहिए जिसको कि आप देख सकें. सूर्य लालिमा युक्त होना चाहिए। दूसरी जो ध्यान देने योग्य बात है वह ये है की जो पानी आप सूरज को अर्पित कर रहे हैं उस पानी के छीटें पैरों पर नहीं गिरने चाहिए अर्थात पानी अशुभ स्थान पर नहीं गिरना चाहिए।


पानी गिराते समय गायत्री मन्त्र का उच्चारण करें। यह क्रिया शुक्ल पक्ष की रविवार से शुरू करें और रोजाना नियमित रूप से करें। यदि यह क्रिया रोजाना नहीं कर पाते हैं तो प्रत्येक रविवार के दिन अवश्य करे।


इसके साथ एक क्रिया और करें। एक लोटा पानी में थोडा सा दूध डाल लें और रात को सोते समय इसे अपने सिराहने की तरफ रख लें। लोटे को इस तरह रखें की यह गिरे नहीं। सोमवार की सुबह इसे बबूल के पेड़ पर चड़ा दें, यहां ध्यान रखे की कोई आपसे बात न करे।


इस एक लोटे पानी की क्रियाओं को करने से गृह दोष दूर हो जाएंगे, आपके रास्ते की जो बाधाएं होती हैं वो सब दूर हो जाती हैं. रोग-कष्ट खत्म होने लग जाएंगे। आपके जीवन में उर्जा और उमंग भर जाएगी और दिनचर्या सही हो जाएगी। पितृ दोष दूर हो जाएंगे इष्ट देव की कृपा प्राप्त होगी। सेहत ठीक हो जाएगी और सभी कायो में सफलता प्राप्त होगी।

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