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यह छोटे छोटे आयुर्वेदिक नुस्खेँ आपको रखेंगे निरोग

छोटे-छोटे नुस्खे, आजमा कर देखें इन प्रॉब्लम्स में ये करते हैं रामबाण का काम
वर्तमान समय में भागदौड़ भरी दिनचर्या के साथ ही अधिकतर लोगों का खानपान भी अनियमित है। यही कारण है कि छोटी-छोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स परेशान करती रहती हैं। इन हेल्थ प्रॉब्लम्स के लिए बार-बार डॉक्टर के पास जाना संभव नहीं हो पाता है। ऐसे में, अधिकतर लोग इन समस्याओं को या तो अनदेखा करते हैं या बाजार से दवा लाकर खा लेते हैं। यदि आप भी ऐसा करते हैं, तो न करें। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ घरेलू नुस्खे जो इन हेल्थ प्रॉब्लम्स में अचूक दवा का काम करते हैं।
– यदि आप अनिद्रा से परेशान हैं, तो 10 बादाम लेकर पीस लें। इस पाउडर को एक गिलास दूध में डालकर गर्म करें। सोने से पहले इस दूध को पिएं। गहरी नींद आएगी।
– रोजाना सोने से पहले गाय के घी से पैरों के तलवों पर मसाज करें, अनिद्रा की समस्या दूर हो जाएगी।
– नारियल तेल में थोड़ा-सा पानी मिलाकर बालों की जड़ों, हथेलियों व पैरों के तलवों पर लगाएं। इससे अच्छी नींद आएगी।
– पके हुए केले को अच्छी तरह से मैश करें। मैश किए हुए केले को चेहरे पर फेसपैक की तरह लगाएं। करीब 15 मिनट बाद चेहरा धो लें। ऐसा करने से त्वचा में निखार आता है।
– दो चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू के रस का मिश्रण त्वचा पर लगाएं। करीब 20 मिनट बाद इसे साफ कर लें, त्वचा नर्म और मुलायम हो जाएगी।
– एलोवेरा की पत्तियों से जेल निकालकर इसमें कुछ बूंदें नींबू रस की मिलाएं। इसे लगाने से चेहरा चमकने लगता है।
– थोड़ा सा मस्टर्ड ऑयल लें और हथेली पर रगड़कर अपने शरीर पर लगाएं। उसके बाद गुनगुने पानी से नहा लें। इससे शरीर में होने वाली ऐंठन दूर हो जाती है।
– यदि आपको अक्सर सिर दर्द रहता है तो पांच बादाम पीसकर उसे गर्म दूध में मिलाकर पी लें। कालीमिर्च का पाउडर थोड़ी मात्रा में शहद या दूध के साथ दिन में दो से तीन बार लें, आराम मिलेगा।
– कमर में दर्द रहता है तो खाने में अदरक का इस्तेमाल कीजिए। सरसों के तेल में बना हुआ खाना खाएं। चाय बनाते समय उसमें पांच काली मिर्च, पांच लौंग और एक ग्राम सूखे अदरक का पाउडर डालें। इस चाय को पीने से कमर दर्द मेंं तुरंत राहत मिलती है।
– समान मात्रा में अजवाइन और जीरा एक साथ भून लें। पानी में उबाल कर छान लें। इस पानी में चीनी मिलाकर पिएं, एसिडिटी से राहत मिलेगी।
– बादाम का तेल और शहद बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाएं। थोड़ी देर के बाद चेहरा धो लें। ऐसा करने से रूप निखर जाता है।
– दूध की मलाई और पिसी मिश्री मिलाकर खाने से कमजोरी दूर होती है।
– सफेद मूसली का एक चम्मच चूर्ण और एक चम्मच पिसी मिश्री मिलाकर सुबह और रात को सोने से पहले गुनगुने दूध के साथ एक चम्मच लेने से कमजोरी दूर हो जाती है।
– नकसीर की समस्या बार-बार परेशान करती हो, तो रोज सुबह खाली पेट आंवले का मुरब्बा खाएं। इससे लाभ मिलेगा। तुरंत लाभ के लिए एक पट्टी को ठंडे पानी में भिगो लें और नाक और सिर पर रख लें, आराम मिलेगा।
– काली कोहनियों को साफ करने के लिए नींबू को दो भागों में काटें। उस पर खाने वाला सोडा डालकर कोहनियों पर रगड़ें। मैल साफ हो जाएगा, कोहनियां मुलायम हो जाएंगी।
– व्हीट-ग्रास का जूस सुबह खाली पेट पीने से चेहरे की लालिमा बढ़ती है और खून भी साफ होता है।
– बाल धोने से एक घंटा पहले बालों में मेथी दाने का पेस्ट बनाकर लगाएं, रूसी दूर हो जाएगी।
– धनिया, जीरा और चीनी को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से एसिडिटी के कारण होने वाली जलन शांत हो जाती है।
– रोजाना सुबह एक से दो लहसुन की कलियां पानी से निगल लेने पर जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
– एक गिलास गुनगुने पानी में दो छोटे चम्मच नींबू का रस मिलाकर पिएं। यह दिन में 8-10 बार करें। आर्थराइटिस के दर्द में आराम मिलेगा।
– आधा चम्मच मेथी का चूर्ण दही में मिलाकर सेवन करने से पेचिश दूर होती है।
– मेथी के पत्तों के रस में काली दाख मिलाकर सेवन करने से भी पेचिश में फायदा होता है।
– 1/2 चम्मच चिरौंजी को 2 चम्मच दूध में पीसकर पेस्ट बनाकर लगाएं। इससे चेहरे के दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं।
– सफेद जीरे को घी में भूनकर इसका हलवा प्रसूता को खिलाने से दूध में बढ़ोत्तरी होती है।
– संतरे के छिलकों का महीन चूर्ण बनाकर उसमें गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाएं। मुहांसे दूर हो जाएंगे।
– सुबह खाली पेट रोजाना एक सेब खाने से सिरदर्द की समस्या से छुटकारा मिलता है।
– कीड़ा लगे दांत में थोड़ा-सा हींग भर देने से दांत व दाढ़ का दर्द दूर हो जाता है।
– त्रिफला चूर्ण चार ग्राम (एक चम्मच भर) को 200 ग्राम हल्के गर्म दूध या गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज दूर होता है।
– प्याज के बीजों को सिरका में पीसकर दाद-खाज और खुजली वाले स्थान पर लगाने से तुरंत आराम मिलता है।
– वीर्यवृद्धि के लिए सफेद प्याज के रस के साथ शहद लेने पर फायदा होता है।
– सौंफ, जीरा और धनियां सब 1-1 चम्मच लेकर 1 गिलास पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। आधा गिलास पानी बच जाने पर उसमें एक चम्मच गाय का घी मिलाएं। सुबह-शाम पिएं। खूनी बवासीर से खून गिरना बंद हो जाएगा।
– बुखार की वजह से जलन होने पर पलाश के पत्तों का रस लगाने से जलन का असर कम हो जाता है।
– जीरे को मिश्री की चाशनी बनाकर शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है।
– करी पत्तों को सुबह खाली पेट खाएं। तीन महीने तक नियमित रूप से ये प्रयोग करने पर डायबिटीज कंट्रोल में रहती है और मोटापा घटने लगता है।

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