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पुनर्नवा : मूत्राल्पता,पीलिया,बेरी-बेरी,जलोदर

परिचय : पुनर्नवा का अभिप्राय है यह है कि जो रसायन व रक्तवर्धक होने से शरीर को फिर से नया जैसा बना दे, उसे पुनर्ववा कहते हैं। पुनर्नवा का सूखा पौधा बारिश के मौसम में नया जीवन  पाकर फूलने-फलने लगता है। पुनर्नवा पूरे भारत में...

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गठिया का उपचार

गठिया या संधिबात का की सबसे अछि दावा है मेथी, हल्दी और सुखा हुआ अदरक माने सोंठ , इन तीनो को बराबर मात्रा में पिस कर, इनका पावडर बनाके एक चम्मच लेना गरम पानी के साथ सुभाह खाली पेट तो इससे घुटनों का दर्द ठीक होता है, कमर का...

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गुलाब-गुलकंद

* गुलाब को यों ही फूलों का फूल नहीं कहा जाता। दिखने में यह फूल बेहद खूबसूरत है और इसकी हर पंखुड़ी में समाए हैं अनगिनत गुण। त्वचा को सुंदर बनाने से लेकर शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने में गुलाब कितने काम आता है । *सुबह-सबेरे अगर खाली...

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दांतों की आयुर्वेदिक देखभाल

जबसे भारत में टूथ पेस्ट और ब्रश आया दांतों की समस्याएँ भी बहुत बढ़ गयी . आज 90 % लोगों को किसी ना किसी प्रकार की दांतों की समस्या है ; फिर भी वे नहीं सोचते के उनकी दिनचर्या में क्या कमी है . किसी भी दूकान या मॉल में देखे तो...

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पीपल से उपचार

– यह 24 घंटे ऑक्सीजन देता है . – इसके पत्तों से जो दूध निकलता है उसे आँख में लगाने से आँख का दर्द ठीक हो जाता है . – पीपल की ताज़ी डंडी दातून के लिए बहुत अच्छी है . – पीपल के ताज़े पत्तों का रस नाक में...

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वट वृक्ष या बरगद के औषधीय प्रयोग

वट वृक्ष हमारे धर्म में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है . यह पर्यावरण की दृष्टी से भी महत्वपूर्ण है . इसकी जड़ें मिटटी को पकड़ के रखती है और पत्तियाँ हवा को शुद्ध करती है .यह कफ पित्त नाशक ,रक्त शोधक ,गर्भाशय शोधक और शोथहर है....

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दन्तशूल (toothache) के घरेलू उपचार

दांत,मसूढों और जबडों में होने वाली पीडा को दंतशूल से परिभाषित किया जाता है। हममें से कई लोगों को ऐसी पीडा अकस्मात हो जाया करती है। दांत में कभी सामान्य तो कभी असहनीय दर्द उठता है। रोगी को चेन नहीं पडता।। मसूडों में सूजन आ जाती...

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आंखों की सुरक्षा के लिए

सुबह दांत साफ करके, मुँह में पानी भरकर मुँह फुला लें। इसके बाद आखॉं पर ठ्ण्डे जल के छीटे मारें। प्रातिदिन इस प्रकार दिन तीन बार प्रात: दोपहर तथा सांयकाल ठ्ण्डे जल से मुख भरकर, मुँह फुलाकर ठ्ण्डे जल से ही आखॉं पर ह ल्के छींटे...

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कान के रोग

कान में पीब(मवाद) होने परः पहला प्रयोगः फुलाये हुए सुहागे को पीसकर कान में डालकर ऊपर से नींबू के रस की बूँद डालने से मवाद निकलना बंद होता है। मवाद यदि सर्दी से है तो सर्दी मिटाने के उपाय करें। साथ में सारिवादी वटी 1 से 3...

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पेठे के गुण

* पेठा या कुम्हडा व्रत में भी लिया जा सकता है . * आयुर्वेद ग्रंथों में पेठे को बहुत उपयोगी माना गया है। यह पुष्टिकारक, वीर्यवर्ध्दक, भारी, रक्तदोष तथा वात-पित्त को नष्ट करने वाला है। * कच्चा पेठा पित्त को समाप्त करता है लेकिन...

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